Entertainment Fashion News

पार्श्वगायन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बना चुकी हैं देवी

पार्श्वगायन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बना चुकी हैं देवी
पार्श्वगायन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बना चुकी हैं देवी

पार्श्वगायन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बना चुकी हैं देवी

अपनी हिम्मत और लगन के बदौलत देवी संगीत के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने में कामयाब हुयी हैं लेकिन इन कामयाबियों को पाने के लिये उन्हें अथक परिश्रम का सामना भी करना पड़ा है।बिहार के सीवान जिले में जन्मी देवी के पिता श्री प्रमोद कुमार और मां श्रीमती सावित्री वर्मा प्रोफेसर हैं।देवी की दो बहन और एक भाई है। देवी के परिवार वालों
ने अपनी राह खुद चुनने की आजादी दे रखी थी। बचपन के दिनों से ही देवी की रूचि संगीत की ओर थी और वह इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना चाहती थी।जब वह महज चार-पांच वर्ष की थी तभी से उन्होंने संगीत की साधना शुरू कर दी।
देवी ने गुरू जवाहर राय से संगीत की शिक्षा लेनी शुरू कर दी।

पार्श्वगायिका रेशमा और महान पार्श्वगायक मुकेश को आदर्श मानने वाली देवी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा छपरा से पूरी की। मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह दिल्ली चली गयी जहां उन्होंने गंधर्व संगीत महाविद्यालय से संगीत का छह वर्षीय कोर्स प्रभाकर पूरा किया। इस बीच उन्होंने जे पी यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई भी पूरी की। इसके साथ ही देवी ने श्री
राम भरतीय कला केन्द्र से शास्त्रीय संगीत और कत्थक की शिक्षा भी हासिल की।

कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी काम नामुमकिन नहीं। इस बात को साबित कर दिखाया है देवी ने।वर्ष 2003 में देवी के पहले अलबम पूर्वा बयार ने धूम मचा दी। इसके बाद देवी ने राजधानी पकड़ के आ जइवो , बावरिया
,यारा और अइवो मोरे आंगन समेत 100 से अधिक अलबम में अपनी जादुई आवाज से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देवी को पहचान हालांकि छठ के गीतों से अधिक मिली। स्वर कोकिला शारदा सिन्हा के बाद देवी के गाये छठ गीतों को
श्रोताओं ने बेहद पसंद किया।

 

इसके बाद देवी को राज्यस्तरीय कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाने लगा जहां उन्होंने अवनी विशिष्ट गायन शैली से लोगों का दिल जीत लिया। देवी की प्रतिभा अब सात समंदर पार भी सराही जाने लगी।

 

दुबई में आयोजित एक कार्यकम में देवी को भोजपुरी फोक क्वीन सम्मान से अंलकृत किया गया। इस बीच देवी ने यूरोप
,मास्को , दोहा कतर ,थाइलैंड ,बैंकाक ,जर्मनी और मॉरीशस में अपनी शानदार प्रस्तुति से लोगों का दिल जीत लिया। देवी ने कई फिल्मों में भी पार्श्वगायन किया है। अक्षय कुमार की मुख्य भूमिका वाली फिल्म थैक्यू में दवी ने आइटम नंबर रजिया गुडो में फंस गयी गीत को अपनी आवाज दी जिसे लोगों ने काफी पसंद किया।

 

बहुमुखी प्रतिभा की धनी देवी ने फिल्म जलसाधर की देवी का निर्माण भी किया जिसमें उन्होंने मुख्य भूमिका निभायी है।देवी ने हाल ही में अपनी रचित किताब माई डायरी नोट्स 2 का विमोचन किया है। देवी आज संगीत के क्षेत्र में अपनी विशिट पहचान बना चुकी है। वह अपनी सफलता का श्रेय कठिन परिश्रम के साथ ही अपने माता-पिता,गुरू और शुभचिंतको को भी देती है जिन्होंने उन्हें हर कदम सपोर्ट किया।

About the author

Ankit Piyush

Ankit Piyush is the Editor in Chief at BhojpuriMedia. Ankit Piyush loves to Read Book and He also loves to do Social Works. You can Follow him on facebook @ankit.piyush18 or follow him on instagram @ankitpiyush.

161 Comments

Click here to post a comment