शिक्षा के साथ ही सामाजिक सरोकार से भी जुड़ी है मधुलिका झा

BHOJPURI MEDIA
शिक्षा के साथ ही सामाजिक सरोकार से भी जुड़ी है मधुलिका झा

वक़्त से लड़कर जो अपना नसीब बदल दे,
इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे,
कल क्या होगा कभी ना सोचो,
क्या पता कल वक़्त खुद अपनी लकीर बदल दे।

अपनी हिम्मत और लगन के बदौलत मधुलिका झा आज शिक्षा के क्षेत्र के साथ ही सामाजिक क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुयी है लेकिन इन कामयाबियों को पाने के लिये उन्हें अथक परिश्रम का सामना भी करना पड़ा
है।
जब टूटने लगे हौंसले तो बस ये याद रखना,
बिना मेहनत के हासिल तख्तो ताज नहीं होते,
ढूंड लेना अंधेरों में मंजिल अपनी,
जुगनू कभी रौशनी के मोहताज़ नहीं होते।
जानी मानी शिक्षिका मधुलिका झा ने सामाजिक क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट कार्य किए हैं। करीब एक दशक से मधुलिका ,महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ और महिला सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य करने में लगी हुयी है। मधुलिका झा अपनी व्यस्त जीवनशैली से समय निकालकर समाजसेवा में भी अपना पूरा योगदान देती हैं। मधुलिका का कहना है कि समाज के विकास में शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान होता है इसलिए जरूरी है कि समाज के सभी लोग शिक्षित हो। शिक्षा ही विकास का आधार है। समाज के लोग ध्यान रखें कि वह
अपने बेटों ही नहीं बल्कि बेटियों को भी बराबर शिक्षा दिलवाएं।वर्तमान परिप्रेक्ष्य में शिक्षा की महत्ता सर्वविदित है. स्पष्ट है कि सामाजिक
सरोकार से ही समाज की दशा व दिशा बदल सकती है।
मधुलिका झा को  हाल ही में एनजीटाउन का फाउंडेशन डे और सीसीएल 2 के जर्सी लांच पर यंग अचीवर्स अवार्ड से सम्मानित किया गया है। इस समारोह का आयोजन एनजी टाउन के सीएमडी (संजय सिंह और नमिता सिंह ) द्वारा प्रायोजित कॉर्पोरेट क्रिकेट लीग (सी.सी.एल.) सीजन-2 की जर्सी लॉन्चिंग के उपलक्ष्य में किया गया जिसमे यंग अचीवर्स अवार्ड से उन 25 महिलाओं एवं पुरुषों को
सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में राज्य एवं देश का नाम रौशन करने के साथ-साथ समाज के लिए प्रेरणादायी कार्य किया है।
बिहार के भोजपुर जिले के आरा शहर की रहने वाली मधुलिका झा ने इंटरमीडियट की पढ़ाई आरा से पूरी की। उनके पिता डा जयनाथ सिंह और मां माया सिंह अपनी पुत्री को उच्च अधिकारी बनाना चाहते थे। मधुलिका को पढ़ने में काफी रूचि थी और वह बेहतर शिक्षा के लिये राजधानी पटना आ गयी जहां उन्होंने वर्ष 1995 में स्नातक की पढ़ाई की और कॉलेज टॉपर रही।वर्ष 1996 में मधुलिका झा शादी के अटूट बंधन में बंध गयी। उनके पति श्री पुनीत आलोक छवि जाने माने वैज्ञानिक हैं  जो उन्हें हर कदम सर्पोट करते हैं। जहां आम तौर पर युवती की शादी के बाद उसपर कई तरह की बंदिशे लगा दी जाती है लेकिन मधुलिका झा के साथ ऐसा नही हुआ। मधुलिका के पति के
साथ ही ससुराल पक्ष के लोगों उन्हें हर कदम सर्पोट किया।  कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी काम नामुमकिन नहीं। इस बात को साबित कर दिखाया है मधुलिका झा ने  ।
जिंदगी में कुछ पाना हो तो खुद पर ऐतबार रखना
सोच पक्की और क़दमों में रफ़्तार रखना
कामयाबी मिल जाएगी एक दिन निश्चित ही तुम्हें
बस खुद को आगे बढ़ने के लिए तैयार रखना।
मधुलिका झा को यदि चाहती तो विवाह के बंधन में बनने के बाद एक आम नारी की तरह जीवन गुजर बसर कर सकती थी लेकिन वह खुद की पहचान बनाना चाहती थी। मधुलिका झा वर्ष 1999 में बतौर शिक्षिका डीएभी स्कूल से बतौर शिक्षिका जुड़ गयी। मधुलिका झा को चूकि पढने शौक बचापन से ही था और इसी को देखते हुये उन्होंने बीएड और एमए की भी पढ़ाई पूरी की।
जुनूँ है ज़हन में तो हौसले तलाश करो
मिसाले-आबे-रवाँ रास्ते तलाश करो
ये इज़्तराब रगों में बहुत ज़रूरी है
उठो सफ़र के नए सिलसिले तलाश करो
मधुलिका झा को शिक्ष के साथ ही समाज सेवा में भी गहरी रूचि थी। पूर्व राष्ट्रपति डा अबुल कलाम आजाद और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को प्रेरणा मानने वाली मधुलिका शिक्षा के साथ ही महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देना चाहती थी और इसी को देखते हुये वह  स्वंय सेवी संगठन छवि फाउंडेशन में बतौर सचिव जुड़ गयी और महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर काम किया। मधुलिका झा नव अस्तित्व संस्था से भी जुड़कर सराहनीय काम कर रही है।
वाक़िफ़ कहाँ ज़माना हमारी उड़ान से
वो और थे जो हार गए आसमान से
मधुलिका झा लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करने लगी। मधुलिका झा अबतक 3000 से अधिक लोगों को निशुल्क शिक्षा देकर उन्हें आत्मनिर्भर बना चुकी है।  मधुलिका झा को कविता लिखने का भी काफी शौक है। मधुलिका झा स्कूल में होने वाले खेल के कार्यक्रमों में भी बढ़चढ़कर हिस्सा लेती है।मधुलिका झा आज कामयाबी की बुलंदियों पर हैं लेकिन उनके सपने यूं ही नही पूरे हुये हैं यह उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम है।
मधुलिका झा ने बताया कि वह अपनी कामयाबी का पूरा श्रेय अपने पति को देती है जिन्होंने उन्हें हमेशा सपोर्ट किया है।मधुलिका अपने पति को रियल हीरो मानती है उन्हें याद कर गुनगुनाती है , मिले हो तुम हमको बड़े नसीबों से चुराया है मैंने किस्मत की लकीरों से , सदा ही रहना तुम मेरे करीब होके चुराया है मैंने किस्मत की लकीरों से।

Bhojpuri Media
Contact for Advertisement

Mo.+918084346817

+919430858218

Email :-ankitpiyush073@gmail.com.

bhojpurimedia62@gmail.com

Facebook Page https://www.facebook.com/bhojhpurimedia/

Twitter :- http://@bhojpurimedia62

Google+ https://plus.google.c
m/u/7/110748681324707373730

You Tube https://www.youtube.com/bhojpurimediadotnet

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *