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कृषिप्रधान देश में किसान हित के लिए आम्रपाली संग नई फसल लेकर आ रहे हैं निरहुआ .!

कृषिप्रधान देश में किसान हित के लिएआम्रपाली संग नई फसल लेकर आ रहे हैं निरहुआ .!
कृषिप्रधान देश में किसान हित के लिएआम्रपाली संग नई फसल लेकर आ रहे हैं निरहुआ .!

कृषिप्रधान देश में किसान हित के लिए आम्रपाली संग नई फसल लेकर आ रहे हैं निरहुआ .!

 

कहते हैं की किसान को हमारे भारत देश मे अन्नदाता कहा जाता है , लेकिन वही अन्नदाता आजकल इस देश मे अनदेखी का इतना बड़ा शिकार है कि प्रकृति की सारी मार इस अन्नदाता को अकेले ही सहनी पड़ रही है । इस मृत्युलोक में सबसे बड़ी साधना करने वाला कोई यदि है वो वो किसान , अन्नदाता ही है, लेकिन इस अन्नदाता को इतनी बड़ी उपासना के बाद हासिल क्या होता है ? ना फसल का सही समय पर सही दाम, और ना ही समय पर सही भंडारण, उस किसान कि हालात का अंदाज़ा लगाइए जिसकी फसल पककर तैयार है और उसके ऊपर प्रकृति की मार पड़ जाए .! फसल को उपजाने में उसको पककर तैयार करने में किसान की सारी जमापूंजी खर्च हो जाये और जब फसल की कीमत मिलने का समय आ जाये तो उसे भाव ही कौड़ियों का मिलने लगे , ऐसे में फसल के उपासकों के पास क्या विकल्प रह जाता है ? ऐसी ही तमाम सवालों के झंझावातों को अपने आवरण में समेटे हुए फ़िल्म फसल लेकर आ रहे हैं भोजपुरी फ़िल्म इंडस्ट्री के मल्टीस्टार व आजमगढ़ से भाजपा सांसद दिनेश लाल यादव निरहुआ । फ़िल्म फसल की पूरी शूटिंग उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में और इसके आसपास हुई है और अब आगामी 10 अगस्त को फ़िल्म का ट्रेलर भी वर्ल्डवाइड रिकॉर्ड्स भोजपुरी के यूट्यूब चैनल पर रिलीज़ होने जा रहा है । फ़िल्म फसल में दिनेशलाल निरहुआ के साथ आम्रपाली दुबे, संजय पांडेय, विनीत विशाल, अयाज़ खान, राकेश त्रिपाठी, जय सिंह , अरुणा गिरी व तृषा सिंह (छोटी) मुख्य भूमिका में हैं ।

श्रेयस फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बनी भोजपुरी फ़िल्म फसल के निर्माता हैं प्रेम राय व निर्देशन किया है पराग पाटिल ने । फ़िल्म एक किसान की कहानी और उसके द्वारा उपजाए गए फसलों की कीमत के इर्दगिर्द की कठिनाइयों और चुनौतियों को इंगित करते हुए बनाई गई है । निरहुआ और प्रेम राय दोनों ने ही किसानों के दर्द को नजदीक से महसूस किया और देखा परखा है ऐसे में यह फ़िल्म उस मानक पर कितना खरा उतरती है यह तो आने वाले समय मे ही पता चलेगा । क्योंकि फ़िल्म के टाइटल फसल से पहले एक छोटा सा शब्द जोड़ा गया है बिना अन्न का अन्नदाता जो वाक़ई इस देश मे अन्नदाताओं की स्थिति को रूबरू कराने वाला है । फ़िल्म फसल की कहानी पराग पाटिल ने लिखी है जबकि पटकथा व सम्वाद राकेश त्रिपाठी व पराग पाटिल ने लिखा है । फ़िल्म के गीत अरविंद तिवारी, प्यारेलाल यादव , विमल बावरा व विजय चौहान ने लिखे हैं जिन्हें संगीतबद्ध किया है ओम झा व आर्या शर्मा ने , जिन्हें सुरों से सजाया है आलोक कुमार, कल्पना पटवारी, नीलकमल सिंह, प्रिया सिंह राजपूत, ममता राउत व शिल्पी राज ने । फ़िल्म फसल के सह निर्माता हैं सतीश आशवानी । फ़िल्म के सिनेमेटोग्राफी किया है साहिल जे अंसारी ने वहीं मारधाड़ का पक्ष देखा है हीरा यादव ने , फ़िल्म के आर्ट डॉयरेक्टर हैं राम यादव वहीं नृत्य निर्देशक हैं संजय कोर्बे व कानू मुखर्जी । फ़िल्म फसल का संकलन किया है सन्तोष हरावड़े ने । फ़िल्म फसल के प्रचारक हैं संजय भूषण पटियाला ।

About the author

Ankit Piyush

Ankit Piyush is the Editor in Chief at BhojpuriMedia. Ankit Piyush loves to Read Book and He also loves to do Social Works. You can Follow him on facebook @ankit.piyush18 or follow him on instagram @ankitpiyush.

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