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‘सामयिक परिवेश’ की काव्य-गोष्ठी संपन्न

'सामयिक परिवेश' की काव्य-गोष्ठी संपन्न
'सामयिक परिवेश' की काव्य-गोष्ठी संपन्न

‘सामयिक परिवेश’ की काव्य-गोष्ठी संपन्न

“तेरे मेरे बीच में क्या था, पूछ रहा है दिल मुझसे,
पनडुब्बी का पैराशूट से रिश्ता ढूँढ रहा हूँ मैं”

पटना। लोकप्रिय युवा शायर समीर परिमल की पंक्तियों पर सभी वाह-वाह कर उठे। अवसर था – चर्चित पत्रिका “सामयिक परिवेश” के तत्वाधान में आयोजित काव्य-गोष्ठी का। इस मौके पर अखिल भारतीय लघुकथा लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं हेतु पुरस्कारों की घोषणा भी की गई। हर वर्ष की तरह “स्वर्गीय प्रेमनाथ खन्ना स्मृति सम्मान समारोह” के इस आयोजन की कड़ी में कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए प्रधान संपादक सह राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता मेहरोत्रा,पूर्व संपादक राज्य-कर सहायक आयुक्त समीर परिमल, सह-संपादक सह राष्ट्रीय सलाहकार श्याम कुंवर भारती द्वारा कार्यक्रम की शुरूआत की गयी।

इस अवसर पर सामयिक परिवेश बिहार अध्याय के राज्य प्रभारी प्रीतम कुमार झा, उप संपादक अनुपम सिंह, राज्य सलाहकार बबिता सिंह, सदस्य पूनम यादव के अलावा श्वेता मिनी ₹, डॉ॰ मीना कुमारी परिहार, पंकज कुमार सिंह, चंद्रिका ठाकुर देशदीप, राजेश दुबे, आदरणीया विभा जी,पटना लॉ कालेज के प्राचार्य मो. शरीफ़ जी और वरिष्ठ पत्रकार ध्रुव कुमार जी भी उपस्थित थे। कवियों और रचनाकारों ने एक से बढ़कर एक रचनाएँ सुनाईं तथा वाहवाही लूटी। कार्यक्रम का संचालन प्रीतम कुमार झा ने किया। इस अवसर पर प्रशस्ति पत्र देकर सबको सम्मानित किया गया। चयनित कवियों को मनोनयन पत्र भी प्रदान किया गया। साथ हीं पत्रिका के आगामी कार्यक्रमों और बेहतरी हेतु कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। आज यह पत्रिका किसी परिचय की मोहताज नहीं है। भारत के अलावा विदेशों में भी इसका प्रचार-प्रसार हो चुका है। आने वाले समय में इसका अपना चैनल भी होगा ,साथ हीं साहित्य सेवा को समर्पित लोगों को हर प्रकार से सहयोग भी किया जा रहा है। अंत में श्याम कुंवर भर्ती द्वारा धन्यवाद ज्ञापन करते हुए काव्य-गोष्ठी की समाप्ति की गयी।