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सामाजिक मुद्दे पर बनी है, जनता दरबार इसलिए दर्शक कर रहे है पसन्द – लेखक व निर्देशक आर के शुक्ला

सामाजिक मुद्दे पर बनी है, जनता दरबार इसलिए दर्शक कर रहे है पसन्द - लेखक व निर्देशक आर के शुक्ला
सामाजिक मुद्दे पर बनी है, जनता दरबार इसलिए दर्शक कर रहे है पसन्द - लेखक व निर्देशक आर के शुक्ला

सामाजिक मुद्दे पर बनी है, जनता दरबार इसलिए दर्शक कर रहे है पसन्द – लेखक व निर्देशक आर के शुक्ला

लखनऊ – लेखक व निर्देशक आर के शुक्ला की फुल एक्शन वाली भोजपुरी फिल्म जनता दरबार 6 जनवरी आल इंडिया में रिलीज की गई। इस फिल्म को दर्शकों ने भरपूर प्यार दिया और सिनेमाघरों में काफी भीड़ भी देखने को मिली। इस प्यार को देखते हुए फिल्म के कलाकारों ने सिनेमाघरों में जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए दर्शकों से रूबरू हुऐ ।सामाजिक मुद्दे पर आधारित श्री जे सोहरता प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म ‘जनता दरबार’ के निर्माता जसवंत कुमार हैं और सह निर्मात्री संगीता प्रजापति हैं। लेखक व निर्देशक आर के शुक्ला है,एसोसियेट निर्देशक मिलनम जोशी है संगीतकार साहिल खान, गीतकार प्यारे लाल यादव, स्व० श्याम देहाती व शेखर मधुर हैं। डीओपी विजय आर पांडेय, एक्शन मास्टर सुयोग सलिल हैं। कार्यकारी निर्माता सरिता गोविंद, कुमार प्रजापति हैं।

फिल्म के मुख्य कलाकार मनोज आर पांडेय,संग्राम सिंह पटेल, चंद्रमुखी (मासूम), सृष्टि उत्तराखंडी, बबली नायक, बृजेश त्रिपाठी, रिंकी शुक्ला, जय सिंह, लोटा तिवारी, प्रियंका चौधरी, संजना सिल्क, जीतू शुक्ला, सत्या पाण्डे, विजय वर्मा, इमरान पिंडारी, भोला पाण्डे, समीर खान, पप्पू पाल, अनिता उपाध्याय, महेंद्र दुबे, गोविंद कुमार, राम चौधरी, धर्मेंद्र कुमार और जसवंत कुमार के साथ स्थानीय कलाकारों ने अपने अभिनय क्षमता से फिल्म में चार चांद लगा दिए हैं। वहीं फिल्म की बात करें तो नक्सलवाद पर आधारित भोजपुरी फिल्म पूरी तरह से जबरदस्त एक्शन के साथ लव स्टोरी फिल्म है यह फिल्म के निर्देशक आर के शुक्ला बातचीत के दौरान के बताया की भोजपुरी धीरे धीरे अपनी पहचान खोती जा रही है इसलिए हमारी यही प्रयास है कि फिल्म की कहानी से लेकर फिल्म के हर डिपार्टमेंट का कार्य हर प्रकार से इतना शानदार हो की यह फिल्म पैन इंडिया में अपना स्थान बना सकें जिससे भोजपुरी सिनेमा को एक दिशा प्रदान किया जा सके। पहले दिन से सिनेमाघरों में दर्शकों की भीड़ एवं उनका प्यार देखकर मैं गदगद हूं और यह बड़े गर्व से कह सकता हूं कि भोजपुरी में भी अच्छी फिल्में बनती हैं, जिसमें आप “जनता दरबार” के रूप में देख सकते हैं। पी आर ओ अरविन्द मौर्य है